{"product_id":"adhuri-dastan-chandrabhan-rahi-manjul","title":"Adhuri Dastan by Chandrabhan Rahi [Paperback]","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eसबको पार लगाने वाली नाव नदी में रह जाती है। ठीक उसी तरह स्त्री भी मर्द के जीवन को पार लगाते लगाते नाव की तरह नदी के तट पर रह जाती है। विधवा स्त्री को समाज में जीने का अधिकार नहीं है क्या? स्त्री को यह बात आज तक समझ में नहीं आई कि विधवा होते ही पिता का घर आँगन पल भर में पराया हो गया। विवाह से पहले यही घर आँगन अपना सा लगता था। आज यही समाज विधवा स्त्री को कटी पतंग की तरह लूटना चाहता है। जबकि समाज से संवेदना एवं अपनेपन की आवश्यकता एक विधवा स्त्री को रहती है। समाज में स्त्री अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए कर रही संघर्ष की कहानी है। ‘अधूरी दास्तान’ में एक ऐसी स्त्री की कहानी है, जो समाज में वह सब करती है, जो एक ब्याहता स्त्री अपने पति के लिए करती है। वह उसकी प्रेमिका तो बन जाती है परंतु पत्नी बनने की चाह उसे न जाने क्या-क्या करने पर मजबूर कर देती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003c!----\u003e","brand":"Manjul Publishing House","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50198693773562,"sku":"720SWXU4TVKN","price":362.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0704\/0473\/5226\/files\/9789373171005_1_1.jpg?v=1789822931","url":"https:\/\/versoz.co.in\/products\/adhuri-dastan-chandrabhan-rahi-manjul","provider":"VERSOZ","version":"1.0","type":"link"}